मंगलवार, 25 अगस्त 2020

सानो बनैल जीव // PYGMY HOG ANIMAL [[KNOW ALL ABOUT PYGMY HOG ]]

    सानो बनैल जीव // PYGMY HOG ANIMAL 


* पिग्मी हॉग CR,श्रेणी -1 का जीव है 

*यह   वर्तमान में उत्तर - दक्षिण बंगाल में ,मानस वन्यजीव अभ्यारण या उसके आस पास पाये जाते है

*यह विश्व का सबसे छोटा जंगली सुवर है  घास भूमि में रहता है घास और फल के अलावा  केचुए भी खाता है  इस पर आश्रित एक जीव सकिंग लूस है पिग्मी हॉग के क्रांतिक रूप से संकट उत्त्पन होने से इसका जीवन भी खतरे में है  

* जंगली प्राणी 

विवरण

जानकारी

सानो बनैल छोटे जंगली सुअरों की एक लुप्तप्राय प्रजाति है जो पहले भारत, नेपाल और भूटान भर में पाये जाते थे पर अब केवल असम में पाये जाते है। विश्व में वर्तमान में इनकी संख्या 150 से भी कम है। हाल ही में किये गये कुछ संरक्षण उपायों के इस गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजाति के जंगल में जीवित रहने की संभावनाओं में सुधार हुआ है। 
रैंक: जाति
क्रम: सम-ऊँगली खुरदार
फ़ायलम: रज्जुकी


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सोमवार, 24 अगस्त 2020

जेरडान कॉर्सर पक्षी का पूर्ण विश्लेषण // JERDON'S COURSER BIRD;=

 जेरडान कॉर्सर पक्षी का पूर्ण विश्लेषण   // JERDON'S COURSER BIRD;= 


* CR- श्रेणी 1 
* यह आंध्र प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में पाये जाते है पहले ये महाराष्ट्र में भी पाए जाते थे 
*यह आंध्र प्रदेश का स्थानिक पक्षी है। 1986 में एक लम्बे समय लके बाद पुनः देखा गया। उस स्थान को श्रीलंकमलेश्वर वन्यजीव अभ्यारण [इकलौता आवास स्थान ] घोषित किया गया है 
*यह रात्रिचर पक्षी ,जंगलो का ह्रास ,शिकार आदि से संकट की वजह से समाप्त हो गए। 

*It is an unmistakable compact courser, with two brown breast-bands. It has a yellow base to the black bill, a blackish crown, broad buff supercilium, and orange-chestnut throat patch. A narrow white crown stripe runs on top of the head. In flight it shows a mostly black tail and a prominent white wingbar. It is crepuscular and vocal at dawn and dusk with a series of staccato Twick-too...Twick-too... Twick-too or yak-wak.. yak-wak calls. The notes are repeated at the rate of about 1 per second and uttered 2 to 16 times and several birds in the vicinity may join in the calling.

Jerdon described the Telugu name of the species as Adavi wuta-titti meaning "Jungle empty-purse".[5] This name may however have been in error since Salim Ali and Hugh Whistler found villagers mystified by the name when they searched for the species near Borgampad and Nelipaka during the Hyderabad state survey of 1931. 


*

Distribution and habitate

It is endemic to southern India, where it is principally known from southern Andhra Pradesh. It has an extremely limited geographical range being known from the Godaveri river valley near Sironcha[8] and Bhadrachalam, and from the Cuddapah and Anantpur areas in the valley of the Pennar River. An egg, probably collected within 100 km of Kolar in 1917, was positively identified as belonging to this species using DNA sequence comparison.[9][10] It is mostly active at dusk and during the night. It was first recorded in the mid 19th century; it was then considered to be extinct for more than 80 years, until it was rediscovered in 1986 at Cuddapah District, Andhra Pradesh. In Maharashtra it was reported at “24 km east of Sironcha, near the Godavari river, three birds, undated (Blanford 1867, 1869), and sometime in the 20-year period before 1935 (D’Abreu, 1935)”.[11] The species was known from specimens collected at a few locations in eastern peninsular India and the currently known population is extremely restricted in range. Studies in this region using sand strips to detect footprints suggest that their preferred habitat has tall bushes at a density of 300 to 700 per hectare.

JERDAN;S COURSER BIRD EGG;=


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क्या है ये ग्रेट इंडियन बास्टर्ड पक्षी (गोडावण ) , [[GREAT INDIAN BASTARD BIRD]]

क्या है ये ग्रेट इंडियन बास्टर्ड पक्षी (गोडावण ) , [[GREAT INDIAN BASTARD BIRD]]   

*CR, श्रेणी -1 [ गंभीर संकटग्रस्त ] 

*यह राजस्थान , गुजरात ,मध्य प्रदेश ,मध्य भारत ,पूर्वी पाकिस्तान में पाए जाते है 

*यह शुतुरमुर्ग की भाती  दीखता है 

*भारत में इसके शिकार पर रोक है यह पक्षी  उड़ने वाले सभी पक्षियों में भारी होता है 

*गोडावण (Great Indian bustard)

पक्षी

विवरण

जानकारी

गोडावण एक बड़े आकार का पक्षी है जो भारत के राजस्थान तथा सीमावर्ती पाकिस्तान में पाया जाता है। उड़ने वाले पक्षियों में यह सबसे अधिक वजनी पक्षी है। बड़े आकार के कारण यह शुतुरमुर्ग जैसा प्रतीत होता है। यह राजस्थान का राज्य पक्षी है। सोहन चिड़िया, हुकना, गुरायिन आदि इसके अन्य नाम हैं। 
संरक्षण की स्थिति: गंभीर रूप से संकटग्रस्त (जनसंख्या कम हो रही) एनसायक्लोपीडिया ऑफ लाइफ
रैंक: जाति

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रविवार, 23 अगस्त 2020

क्या है सिंधु जल समझौता ?

 क्या है सिंधु जल समझौता ? 


          अगर आप भौगोलिक रूप से सिंधु नदी जल समझौता देखे तो इसमें सिंधु ,चेनाब ,झेलम ,सतलज ,ब्यास ,और रवि  शामिल है इन नदियों के बहाव वाले क्षेत्र को अंग्रेजी में बेसिन कहते है सिंधु नदी का इलाका करीब 11. 25 वर्ग किमी है जिसका 47 % पाकिस्तान में ,37 % भारत में ,8% चीन और 6 % अफगानिस्तान में है सन1947 में जब देश का विभाजन हुआ तो देश के साथ बहुत से ऐसे बटवारे हुए जिनमे सिंधु जल समझौता  भी था सन 1951 में अमेरिकी विशेषज्ञ और टेनिसी वेल्ली ऑथोरिटी के पूर्व अध्यक्ष  लिलिन थिएन ने सिंधु नदी के बटवारे पर एक  लेख लिखा और ब्यापारिक स्तर पर  सुलझाने के प्रयाश किया विश्व बैंक ने इसे पढ़ा और भारत तथा पाकिस्तान के मध्य मध्यस्था का प्रयास किया ,फिर कई  दौर के  बाद 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच ये समझौता हुआ जिसे सिंधु जल समझौता कहते है।  

           जिस समय यह संधि हुई थी उस समय पाकिस्तान के साथ भारत का कोई भी युद्ध नही हुआ था उस समय परिस्थिति बिल्कुल सामान्य थी पर 1965 से पाकिस्तान लगातार भारत के साथ हिंसा के विकल्प तलाशने लगा जिस में 1965 में दोनों देशों में युद्ध भी हुआ और पाकिस्तान को इस लड़ाई में हार का सामना करना पड़ा फिर 1971 में पाकिस्तान ने भारत के साथ युद्ध लड़ा जिस में उस को अपना एक हिस्सा खोना पड़ा जो बंगला देश के नाम से जाना जाता है तब से अब तक पाकिस्तान आतंकवाद और सेना दोनों का इस्तेमाल कर रहा है भारत के विरुद्ध, जिस की वजह से किसी भी समय यह सिंधु जल समझौता खत्म हो सकता है और जिस प्रकार यह नदियाँ भारत का हिस्सा हैं तो स्वभाविक रूप से भारत इस समझौते को तोड़ कर पूरे पानी का इस्तेमाल सिंचाई विद्युत बनाने में जल संचय करने में कर सकता है पंकज मंडोठिया ने समझौते और दोनों देशों के बीच के तनाव को ध्यान में रख कर इस समझौते के टूटने की बात कही है क्योंकि वर्तमान परिस्थिति इतनी तनावपूर्ण है कि यह समझौता रद्द हो सकता है क्योंकि जो परिस्थिति 1960 में थी वो अब नही रही है।


          इस समझौते में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान  राष्ट्रपति आयुपखान ने रावलपिंडी में हस्ताक्षर किये ,12 जनवरी 1961 से यह नियम लागु  हो गया की ,समझौते के मुताबिक पूर्वी नदिया रावी सतलज और व्यास का जल भारत किसी बाधा के उपयोग कर सकता है  जबकि पश्चिम नदिया झेलम ,चेनाब और सिंधु का जल इस्तमाल करे इन नदियों के कुछ जल का उपयोग भारत भी कर सकता है। 

         जिसके तहत दोनों देशो में देशो में एक -एक आयुक्त नियुक्त किये गए जिससे यह समझौता सुचारु रूप से चल सके ,जब सभी मुद्दे सही  थे तो आज ये विवाद क्यों है --------   

पाकिस्तान हमेशा किसी भी संधि या समझौते  उलंघन  करता आया है जिससे  INDUS WATER TREATY अच्छे से काम नहीं कर पाया ,झेलम ,चेनाब और सिंधु नदी पर भारत जो भी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट या फिर डैम  बना रहा है ,पाकिस्तान हमेशा आपत्ति जताता रहता है उसे डर है की भारत इस डैम की  सहायता से पानी  भण्डारण करके पाकिस्तान  इलाके  जलमग्न करना चाहता है और 2008 में हाफिज सहीद ने भारत को जल आतंकवाद भी कह  चूका है इसलिए  अब भारत अपने हिस्से का पूरा पानी उपयोग करना चाहता है। 
     
       समझौते  के बाद भारत ने कुछ परियोजनाए  भी लागु की जैसे  सतलज पर भांगड़ा  नागल बांध ,व्यास  नदी पर पोख और पंडोव बाँध ,रावी नदी पर रणजीत सागर बाँध ,थीन बाँध बनवाया ,इसके  अलावा व्यास सतलज लिंक इंदिरा गाँधी नहर ,माधोपुर व्यास लिंक जैसी परियोजनाएं भी शुरू की गयी इसके वावजूद भारत पूर्वी नदियों का पानी उपयोग नहीं कर पाता था ,रावी नदी का २ मिलियन एकड़ फिट वाटर ऐसे ही पाकिस्तान चला जाता था पाकिस्तान में। 

        उरी हमले के बाद भारत ने तीन परियोजनाओं पर काम किया इसमें ,शाहपुर कैंडी डैम प्रॉजेक्ट ,पंजाब में सतलज व्यास लिंक ,  जम्मू कश्मीर में ऊंचा डैम प्रॉकेक्ट की शुरुआत की ,पंजाब और J &K जिस शाहपुर कैंडी डैम का के लिये रिज्यूम किये है इसलिए भारत ने जो जल माधोपुर होते हुए रावी नदी से पाकिस्तान जाता है वहाँ से 2MILLINN एकड़  फिट जल रोकेगा साथ ही जो रावी नदी  की सहायक नहीं ऊझ है उस पर 781MILLION मीटर क्यूबिक का जल भंडारण का डैम विकशित किया जा रहा है वही केंद्र ने पंजाब लिंक पर  पंजाब को    ब्याहारिक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है   

       इन परियोजनाओं के अतिरिक्त और भी परियोजनाएं थी  जैसे 1000 मेगावॉट का BAGALDUR डैम 850 मेगावॉट का रतलीडम ,330 मेगावॉट का किसंगनगगा डैम,120 मेगावॉट का मीयर डैम ,48 मेगावॉट का लोअर KALNAI डैम  शामिल है 

       सिंधु नदी एशिया में सबसे लम्बी नदियों में से एक है लम्बाई लगभग 3180 किलोमीटर है कहि इसकी लम्बाई की जिक्र  2800 किमी. ही है इसका उद्गम स्थल तिब्बत के मानसरोवर के पास है जबकि  बाकि नदियों का जैसे सतलज रॉक स्ताल से ,बाकि ४  उद्गम स्थल रावी ,व्यास ,चेनाब और झेलम भारत से ही निकलती है पाकिस्तान में पठान कोट  से पहले इस पंचनदी का जल आपस में मिलता है और ये कराची के दक्षिण में एक डेल्टा बनाते हुए अरब सागर में गिरती है   

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शनिवार, 22 अगस्त 2020

साराभाई क्रेटर क्या है ? भारतीय उपग्रह ''आर्यभट्ट '' के निर्माण और प्रक्षेपण के लिए परियोजना किसने शुरू की?

साराभाई क्रेटर क्या ?


कुछ महत्वपूर्ण बिंदु ;=

*  हाल ही चंद्रयान-2 ने साराभाई क्रेटर की तश्वीर कैच की है 
*डॉक्टर विक्रम साराभाई  जन्म 12 अगस्त 1919 को हुआ था  12 अगस्त को श्रद्धांजलि  देते हुए  इनके नाम पर क्रेटर का नाम साराभाई क्रेटर रखा गया है 
* क्रेटर जो उल्का पिंड ,ज्वालामुखी या किसी विस्फोट से जो गढ्ढ़ा बनता है जिसका ढलान / झुकाव 25 से 35 डिग्री होता है 

विक्रम अंबालाल साराभाई

वैज्ञानिक

विवरण

जानकारी

विक्रम अंबालाल साराभाई भारत के प्रमुख वैज्ञानिक थे। इन्होंने ८६ वैज्ञानिक शोध पत्र लिखे एवं ४० संस्थान खोले। इनको विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में सन १९६६ में भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था। डॉ॰ विक्रम साराभाई के नाम को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से अलग नहीं किया जा सकता। विकिपीडिया
जन्म: 12 अगस्त 1919, अहमदाबाद
*चंद्रयान -२ ने क्रेटर की 3D  तश्वीर ली है  जिसकी गहराई 1.7 किलोमीटर है 
*इस क्रेटर से लगभग 250 से 300 किलोमीटर दूर नाशा का अपोलो-17 और रूस के लूना-21 मिशन के लैंडिंग स्थल है 
*भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक कहे जाने वाले साराभाई जी की भारतीय अंतरिक्ष अनुसंस्थान संगठन [ ISRO] की आज इस उचाईयो में इनका अहम् योगदान है 
*11 नवम्बर 1947 को अहमदाबाद में भौतिक अनुसन्धान संस्थान  स्थापना की। 
*IIM अहमदाबाद के निर्माण उनकी अहम् भूमिका थी 
*सबसे पहले भारतीय उपग्रह ''आर्यभट्ट '' के निर्माण और प्रक्षेपण के लिए  परियोजना शुरू की। 
*भारत  का पहला रॉकेट लांचिंग स्टेशन स्थापित  करने में उनका अहम् योगदान था 
*यह स्टेशन भूमध्य रेखा की निकटता के कारण अरब सागर के तिरुवंतपुरम में स्थापित है 
*1966 में अहमदाबाद में  सामुदायिक  केंद्र की स्थापना की  वह केंद्र  विक्रम साराभाई सामुदायिक केंद्र के नाम से जाना जाता है    

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गुरुवार, 20 अगस्त 2020

असम राज्य का इतिहास और परिस्थितिया

असम राज्य का इतिहास और परिस्थितिया



    इतिहास ;=

*    असम का इतिहास भारतीय आर्य , तिब्बता- बर्मी और आस्ट्रो एशियाई संस्कृति के  एक अच्छे मिश्रण  की कहानी है।  
*आसाम , कामारूपा का पार्ट था जिसकी राजधानी प्रगियोतिषपुरा( गोवाहाटी ) थी समुन्द्र गुप्त के 4 वी सताब्दी के इलाहाबाद स्तम्भ की शिलालेख में गुप्त साम्राज्य के प्रमुख राज्यों के रूप  रूप में कामरूपा का ब्याख्यान  मिलता है 1905 में बंगाल की विभाजन हुआ और आसाम पूर्वी बंगाल वाले क्षेत्रफल  में मिल गया ,असम मैदानों और पर्वतो का  राज्य है 
* असम का स्थापना दिवस 26 जनवरी 1950 
* राजधानी दिसपुर 
* जिला 33 
* गवर्नर =जगदीश मुखी 
* हाई कोर्ट = गोवाहाटी हाई कोर्ट 
* चीफ जस्टिस = Ajai  लम्बा 
* विधान सभा के सदस्य =126 
* लोकसभा का सदस्य = 14
* राज्य सभा का सदस्य = 7 
* जनसंख्या २०११ के अनुसार = ३. १  करोड़ (15 राज्य भारत का जनसंख्या की दृष्टि से ) 
*चीफ मिनिस्टर =सर्बानंद सोनोवाल 
*डेन्सिटी पर कैपिटा =400 वर्ग किलोमीटर 
* पर कैपिटा इनकम =67000 
*ऑफिसियल भाषा =असम है (बोडो,बंगाली भी  बोली जाती है )
*असम भूटान ,अरुणचल प्रदेश ,(नार्थ में स्पर्श करते है),नागालैंड और मणिपुर (पूर्व  दिशा में ),मेघालय त्रिपुरा मिजोरम  बांग्लादेश को (दक्षिण  से ) जबकि WESTBANGAL को सिलीगुड़ी कॉरिडोर   से स्पर्श  करता है 
* पक्षी राज्य=वाइट - विंगेट  DUCK  
*राज्य पशु =भारती  गेंडा( काजिरंजा राष्ट्रीय पार्क यही  यही है )
*राज्य पुष्प =फॉक्सटेल  ऑर्चिड 
* राज्य पौधा =हॉलांग 
*राज्य नृत्य = पिहू , ME-DUM-ME-PHI , बैशागु ,अम्बुबाची ,माजुली ,देहिंग पटकाई फेस्टिवल 
*नदी  = ब्रम्हपुत्रा , पराग नदी ( सादिया नामक  मिलती है और पश्चिम में 450 मील तक जाती है माजुली I - LAND जो की दुनिया का सबसे बढ़ा I-LAND है जो की ऐसीनदी पर है 
*सुबनसिरी लोअर डैम जो असम और अरुणचल प्रदेश के बॉर्डर पर है
* सबसे सबसे बड़ा बांध ढोला - सादिया बांध (9. 15 किलोमीटर )  लम्बा है यह सादिया ( )  और ढोला ( अरुणाचल)  को जोड़ता  है  
* पहली बार (1889 )डिगबोई में कच्चातेल निकाला गया था गुवाहाटी टी ऑक्शन  सेंटर (GTAC)  जो की  15.6% दुनिया का  और 55% भारत को  उत्पादक है आसामी गोल्डेन सिल्क मूंगा का भी उत्पादन होता है  

* DANCE OF ASAM  = ANKIA DANCE ,BIHU DANCE KUSHAN NRITRA, BAGURUMBA, BORDOICIKHLA, SATTRIYA,BANJAR KEKAN,MISHING BIHU,
* काजीरंगा , मानस ,रजीव गाँधी ,ओरंग ,डिब्रु,नामेरी ,BURA ,बोरनाड़ी ,पोबीतोरा  ,चक्रशिला नेशनल पार्क है 
*GI TAG की बात करे तो मुगा सिल्क असम ,जोहा राइस ,असम कार्बी अन्गिओंग गिंजर  तेजपुर लीची है 
* यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की बात  करे तो ,मानस वाइल्डलाइफ (1985 ),काजीरंगा नेशनल पार्क( 1985) ,
*असम के प्रसिद्ध स्थान माजुली,कामाख्या मंदिर ,उमानंदा मंदिर ,श्रीमान्ता शंकरदेव कालाक्षेत्र ,आदि प्रसिद्ध स्थान है 

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बुधवार, 19 अगस्त 2020

काकी पक्षी क्या होता है ?

काकी पक्षी  क्या होता है ?


* काकी को ब्लैक स्टिल्ट भी खा जाता है यह न्यूजीलैंड का स्थायी पक्षी है 
*इसका वैज्ञानिक नाम 'himantopus novaezelandiae है 
*इसका शरीर और चोंच काले रंग के होते है जबकि पैर गुलाबी रंग के होते है 
*IUCN  रेड लिस्ट में इसे गंभीर संकटग्रस्त की लिस्ट में सूचीबद्ध किया गया है 
*ये  पक्षी न्यूजीलैंड के मैकेंजी बेसिन और दक्षिण द्वीप में बड़े  पैमाने पर प्रजनन  करते है 
*संरक्षण परियोजना के कारण न्यूजीलैंड में वयस्क काकी पक्षियों की की आबादी  ३०% की वृध्दि हुई है 
*न्यूजीलैंड के जंगलो में अब कुल 169 काकी पक्षी हैं 

* IUCN FULL FORM=
((IUCN, International Union for Conservation of Nature, was established on 5 October 1948 in the French town of Fontainebleau.)))


* PRIME MINISTER OF NEW ZEALAND (JACINDA ARDEN)
*NEW ZEALAND CURRENCY ( DOLLAR)
* NEW ZEALAND CAPITAL(WELLINGTON) 
*NEW ZEALAND PRIME MINISTER ANNUAL SALARY ( 300 CRORE)

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